बुधवार, 31 जुलाई 2013

आत्म अवलोकन - सदाचार की दिवाली

06 नवम्बर 2010


आत्म अवलोकन - सदाचार की दिवाली

आत्म अवलोकन - सदाचार की दिवाली 

कार्तिक का सुहाना महीना आया 
हेमंत ऋतु संग दिवाली लाया 
पर्व पांच दिनों का खुशियाँ लाया 
स्कूलों - कालेजों की छुट्टियां लाया ।

नए साल में ओबामा भारत आया 
दिवाली -सा मानव को जोड़ने आया 
स्वागत में बन्दनवारे हैं बंधी 
रंगोली - चौक से देहरी है सजी ।

घर -गाँव -नगर की हुई सफाई 
कंदीलों -दीयों की रौशनी जगमगाई 
सदाचार की रौशनी में रात नहाई 
जन - मन ने गणेश - लक्ष्मी की पूजा करवाई .

ऊर्जा - उत्साह - उमंग की तरंगें नाची 
पटाखे , अनार , चकरी की बहार आई 
स्फुल्लिंग - सी सहस्त्रधार है नहाई 
खिलौने , खील , बताशे , मिठाई छाई .

' मंजू 'आत्म अवलोकन की बारी आई 
सब कुछ होता नया - नया हर दिवाली 
नया नहीं हो पाता है मन बेचारा 
आत्म ज्योति जगाकर बने धनभागी ।

दीपावली की शुभ कामनाओं के साथ -
-मंजू गुप्ता ,
वाशी , नवी मुम्बई .



13 जन ने कहा है:

अशोक बजाज ने कहा…
'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ' यानी कि असत्य की ओर नहीं सत्‍य की ओर, अंधकार नहीं प्रकाश की ओर, मृत्यु नहीं अमृतत्व की ओर बढ़ो ।

दीप-पर्व की आपको ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ! आपका - अशोक बजाज रायपुर

ग्राम-चौपाल में आपका स्वागत है
http://www.ashokbajaj.com/2010/11/blog-post_06.html
डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…
बहुत सुन्दर..... दीप-पर्व की शुभकामनाएं..
केवल राम ने कहा…
बहुत खूब ...सम्यक सन्दर्भों
को प्रस्तुत करती कविता ...शुक्रिया
चैतन्य शर्मा ने कहा…
हैप्पी दिवाली :)
Manju Gupta ने कहा…
अशोक जी ,मोनिका जी ,केवल जी और चैतन्य जी ,
स्नेहिल स्नेह .

आपके मनोभाव मेरे उत्साह को सम्बल देते हैं . भैया दौज की शुभ कामनाओं के साथ -
मंजू गुप्ता
माधव( Madhav) ने कहा…
विचारणीय पोस्ट् दीप-पर्व की शुभकामनाएं.
Manju Gupta ने कहा…
माधव जी हौसला बढाने के लिए आभार
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…
बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
--
आपकी पोस्ट की चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी
की गयी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/11/28.html
ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…
कल कल करती हुए बहती नदी सी अच्छी कविता लगी !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ
Manju Gupta ने कहा…
आदरणीय शास्त्री जी , ज्ञानचंद जी ,
नमस्ते .
आपके मनोभाव मेरे मनोबल को प्रवाहमान करते हैं .आभार और छठ पर्व की हार्दिक शुभ कामनाओं के साथ -
मंजू
रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…
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दुनिया के सभी बच्चों को
मेरी तरफ से बहुत-बहुत प्यार!

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Manju Gupta ने कहा…
आया नेहरु जी का जन्म दिन
प्यारा - सा बच्चों का है दिन .

मन तो नन्हा है
हाँ !नन्हा मन है .

दे उन्हें हर खुशी हर दिन
बड़े रहें 'मंजू ' संग हर दिन .
जग के सभी बच्चो को असीम स्नेह , प्यार ,वात्सल्य ,

शुभकामनाओं के साथ -

मंजू गुप्ता ,
वाशी , नवी मुम्बई .
Harman ने कहा…
bahut hi badiya laga pad kar..

mere blog par bhi sawagat hai..
Lyrics Mantra
thankyou
- See more at: http://nanhaman.blogspot.in/2010/11/blog-post.html#sthash.XHH70XSE.dpuf

खेलो की राजधानी

05 अक्तूबर 2010


खेलो की राजधानी

खेलों की राजधानी 



राष्ट्रकुल खेलों की धूम मची 



दुल्हन बन राजधानी है सजी 



प्रतियोगियों में होड़ है लगी 



वंदना में आरती है सजी । 



मुस्कान से भरा हुआ है शेरा 



साहस ,शक्ति , शौर्य , शेर - सा 



खिलाड़ियों का लगा है मेला 



जश्न , जोश , जीत की झड़ी है लगी । 





चुनौतियों से मंजिल है भरी 



प्रयास से सफलता मिलती 



स्वर्ण , रजत , कांस्य पदकों से 



जीत को ' मंजू ' ख़ुशी है मिलती । 



- मंजू गुप्ता , 



वाशी , नवी मुंबई । 


7 जन ने कहा है:

चैतन्य शर्मा ने कहा…
अरे वाह अपने तो हमारे देश में हो रहे खेलों को लेकर

कितनी सुंदर कविता बनाई..... मुझे तो बहुत ही अच्छी लगी
Manju Gupta ने कहा…
भाई चैतन्य जी ,
नमस्ते .

मेरा हौसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद .
रानीविशाल ने कहा…
बहुत सुन्दर कविता लिखी है आपने .......आभार
नन्ही ब्लॉगर
अनुष्का
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…
सुन्दर बाल कविता के लिए
मंजू गुप्ता जी को बधाई!
--
आपकी इस पोस्ट की चर्चा
बाल चर्चा मंच पर भी की गई है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/10/21.html
Manju Gupta ने कहा…
आदरणीय गुरूजी मयंक जी ,
सादर नमस्ते .

आप के प्रेषित विचार मेरे लिए अनमोल हैं . धन्यवाद .
बाल चर्चा मंच से मुझे अवगत कराएं .मुझे इसकी जानकारी नहीं है .
प्रिय नन्ही -सी रानी .
असीम स्नेह .
आप के मनोभाव पढकर मेरी मुस्कान दुगनी हो गई .आभार .
माधव( Madhav) ने कहा…
लेट्स गो , जियो.. , उठो.., बढ़ो... , जीतो....
Manju Gupta ने कहा…
माधव जी ,
नमस्ते .
खेलों के लिए प्रेरणात्मक संदेश दिया ,आभार .
- See more at: http://nanhaman.blogspot.in/2010/10/blog-post_05.html#comment-form

शनिवार, 2 फ़रवरी 2013

वर्षगांठ पांच फरवरी

आदरणीया स्नेह दीदी ,

स्नेहिल नमस्ते .

 पर्वराज   वर्षगांठ ' ५ फरवरी ' के   महान , पावन दिवस पर हम सब की मंगल - हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकार करें .
  
आपको गजल का नजराना नजर  कर रही हूँ -


शहर - शहर में हो रहा गुणगान 
मौसम ' पांच फरवरी ' का हुआ जवान . 

वर्षगांठ की भोर ने मचाया शोर 
खुशियों की महफिलों में गूंजी तान .

स्वस्थ , सुखी , दीघार्यु हो बहन मेरी 
जमाने की दुआएँ चढ़ी परवान .

चमन बहारों का सदा महकता रहें 
दिल की बस्ती के पूरे हों अरमान .

मुबारकबाद ले आईं  नजराना 
कमल - सी खिलती रहे जीवन  मुस्कान .

प्राणों की धारा बन बहती मुझ मैं 
तुम्हारी आशिकी में ' मंजु ' कुरबान .

मंजु सपरिवार . 

शनिवार, 26 जनवरी 2013

तिरंगे के रंगी में शहादत को सलाम


६४ वें गणतन्त्र दिवस ,प्रजासत्ता दिवस और लोकशाही दिवस की सत्यं - शिवं - सुन्दरं से  सजी शहादतों को सलाम . जिनकी वजह से हम सब भारतवासी आजादी की साँसे ले रहें हैं . उन्हीं  जाबाजों को मेरा गीत समर्पित -

तिरंगें में रंगी शहादत को सलाम

चलो चलें स्वागत करने
राष्ट्रीय त्यौहार आया
मंगल वेला है आई .

जिन शहीदों  के फाग से
देश का चमन है महका
उनकी वफादारियों  से
तिरंगा गर्व से झूमा.

चलो चलें आरती करने
राष्ट्रीय त्यौहार आया
मंगल वेला है छाई .

झंडे के हर ताने में
लिखी उनकी कुर्बानी
अनंत - अखंड ज्योति को
 करे सलाम भारतवासी .

चलो चलें पूजन  करने
राष्ट्रीय त्यौहार आया
मंगल वेला है नहाई .

तिरंगें के रंगों में
रंगी है उनकी देशभक्ति
चक्र बनी उनकी अँगुलियाँ
बलिदानों के गीत सुनाती .

चलो चलें वंदन करने
राष्ट्रीय त्यौहार आया
मंगल वेला है सजाई  .

लें वचन करें  उन्हें याद
न जाए  शहादत बेकार
 अंतर्भावना के यज्ञ से
भस्म हो घृणा की चिंगारी .

चलो चलें नमन करने
राष्ट्रीय त्यौहार आया
मंगल वेला है भाई.

मंजु गुप्ता

रविवार, 20 जनवरी 2013

कुंभ के हाइकु



 हाइकु 

मंजु गुप्ता 

आपदाओं के 

कहर से थर्राया

भू , जल , नभ 

२ 

किसानी रोती 

सूखाग्रस्त गाँवों में

फसलें जली  


लीला  प्रभु की 

कहीं बाढ़-अकाल 

सन्नाटा लाता 


कुंभ नगरी 

में लगा महाकुंभ 

कई रंगों में 



आस्था  का गोता 

भेदभाव की भित्ति 

को भेद देता 


प्रयाग तट 

 दिव्य रिद्धी- सिद्धि से

संक्रम होता 


अमृत कुंभ 

विविधता के सूत्र

बांधें ऐक्य में 


कुंभ उडेले 

समता का सागर 

धड़कनों में 


कुंभ का  पर्व 

जोड़ता  मानव को 

प्रभु सत्ता से 


कुंभ की शिक्षा 

 रिश्ता मानवता का 

जोड़े जग से 

१०

साधु- संतों में 

तप की बहे धारा

कुंभ पर्व में 

११

कुंभ जग में 

एकात्मदर्शन का 

है सच्चा साक्षी 

११


कुंभ नहान  

मन  के पाप धोता 

 मोक्ष मिलता 

गुरुवार, 10 जनवरी 2013

जन्मदिन की गजल

आदरणीय भाई जी 
सादर नमस्ते .

झूमती हुई  सुहानी तारीख १० जनवरी 2013 के ६२ वें  जन्मोत्सव पर्व पर हम सब की हार्दिक बधाई .

भावों के   समुंदर से  शुभकामनाओं की गजल प्रेषित कर रही हूँ -

दस जनवरी की भोर पर है  आज निखार 
करती  मुबारक जन्मदिन यह जश्ने बहार .

दसों दिशाओं की महफिल में मचा शोर 
किरणें  मंगल गीत गा रहीं बेशुमार  .

नजर न लगे वैरी जमाने की आपको 
नजर उतारने आई हवन की बयार .

खुशियों से खिले जीवन उपवन  सदा 
खुश किस्मत दुःखों  से करने आई करार .

दे रही फिजाएं आशीर्वाद - दुआएँ 
लुटा रहा चमन देकर आशीषें - प्यार .

माँ की दुआओं का जखीरा है संग में 
सफलता ,सुख, शांति का करे है  इजहार .

आपकी यश पताका संसार  में फहरे 
 करे बयाँ पौष की शीत लहर जोरदार .


पूरी हो धड़कनों की सारी आरजू  
 ' मंजु ' उठे इबादत  में हाथ बार - बार . 

सोमवार, 7 जनवरी 2013

गजल






  गजल 


आओ फिर से मिलकर लिखें देश की इबारत
रिश्तों के पृष्ठों पर बसे महोब्बत की नियामत .

दूषित मानसिकता का तम धरती  पै छाया 
संस्कारों की नींव पर खड़ी कर दें  इमारत .

दुराचारियों ने लूटी है बेटी की लाज 
गफ़लत की नींद  में सोई हुई   है सियासत .

लहू क्रांति का बहाकर के जगा देंगे सत्ता  
शहतीर दंडों से हो आबरू की हिफाजत .

दामिनी की ज्वाला  हर एक स्त्री में  है जली 
मिट्टी में नहीं मिलने देंगे उसकी शहादत .

काले दिन के जुल्मी दरिंदो को मिले फाँसी 
महफूज रहें नारियाँ ' मंजू '  करे इबादत .